➤ बार-बार मौका मिलने के बावजूद रिपोर्ट दाखिल न होने पर नाराजगी
➤ रिपोर्ट न देने पर चंबा SP को कोर्ट में पेश होने के निर्देश
हिमाचल प्रदेश में चर्चित पोक्सो एक्ट से जुड़े मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। चंबा के चुराह से बीजेपी विधायक हंसराज को निचली अदालत से मिली जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार को 10 दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश संदीप शर्मा ने स्पष्ट नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई स्थिति रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई है। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अंतिम मौका देते हुए कहा कि दस दिन के भीतर हर हाल में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती है, तो पुलिस अधीक्षक (SP) चंबा को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। इस निर्देश को प्रशासनिक जवाबदेही के तौर पर देखा जा रहा है।
यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें पीड़िता ने चंबा की निचली अदालत द्वारा विधायक हंसराज को दी गई जमानत को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने इससे पहले इस मामले में विधायक सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत का यह रुख दर्शाता है कि संवेदनशील मामलों में प्रशासनिक ढिलाई को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार तय समय में रिपोर्ट पेश करती है या फिर मामले में और सख्त रुख अपनाया जाता है।



